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इस स्वतंत्रता दिवस पर भारत में जीवन बीमा कवरेज बढ़ने का रुझान बेहतर वित्तीय तैयारी का संकेत
मुंबई: भारत के इंश्योरेंस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (IIB) द्वारा वित्त वर्ष 2021 से वित्त वर्ष 2025 तक के जीवन बीमा कारोबार के आंकड़ों के विश्लेषण से भारत में बीमा सुरक्षा की स्थिति में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिलते हैं।
मौजूदा पॉलिसीधारक अब अपनी वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अधिक बीमा कवरेज का विकल्प अपना रहे हैं। जीवन के विभिन्न चरणों के साथ जिम्मेदारियां भी बदलती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए ग्राहक लगातार अपने बीमा कवरेज को बढ़ा रहे हैं। यह रुझान दर्शाता है कि दीर्घकालीन वित्तीय सुरक्षा के साधन के रूप में जीवन बीमा पर ग्राहकों का भरोसा बढ़ रहा है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि कम उम्र में जीवन बीमा की शुरुआत करने के कई फायदे हैं।
IIB के विश्लेषण से पिछले पांच वर्षों में जीवन बीमा की सभी पॉलिसी श्रेणियों में अधिक बीमा राशि वाले कवरेज की ओर स्पष्ट रुझान दिखाई देता है। वित्त वर्ष 2021 से वित्त वर्ष 2025 के बीच अधिक बीमा राशि वाली श्रेणियों में लगातार वृद्धि हुई। इससे पॉलिसीधारकों के बीच अधिक व्यापक बीमा सुरक्षा लेने की प्रवृत्ति स्पष्ट होती है। ₹2 लाख से ₹5 लाख तक की बीमा राशि वाली पॉलिसियों की हिस्सेदारी में 5.6 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई। ₹10 लाख से ₹25 लाख की बीमा राशि वाली पॉलिसियों की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत अंक बढ़ी। वहीं, ₹50 लाख से अधिक की बीमा राशि वाली पॉलिसियों की संख्या में 68 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह संख्या वित्त वर्ष 2021 के 44 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 74 लाख हो गई। इन पॉलिसियों से ₹975 अरब का वार्षिक प्रीमियम प्राप्त हुआ।
वित्त वर्ष 2021 में अस्तित्व में मौजूद जीवन बीमा पॉलिसियों में करीब दो-तिहाई यानी 65.1 प्रतिशत पॉलिसियों की बीमा राशि ₹2 लाख या उससे कम थी। वित्त वर्ष 2025 में यह अनुपात उल्लेखनीय रूप से घटकर 53.6 प्रतिशत रह गया। इसी अवधि में अधिक बीमा राशि वाली प्रत्येक श्रेणी में लगातार वृद्धि दर्ज की गई।
आंकड़े यह भी बताते हैं कि पॉलिसीधारक अपनी वित्तीय सुरक्षा के लिए लगातार अधिक राशि खर्च कर रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में अस्तित्व में मौजूद जीवन बीमा पॉलिसियों की कुल संख्या लगभग 343 मिलियन यानी 34.3 करोड़ पर स्थिर रही। हालांकि, प्रति पॉलिसी औसत वार्षिक प्रीमियम 42.6 प्रतिशत बढ़ा। यह वित्त वर्ष 2021 के ₹15,567 से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में ₹22,195 हो गया। इन दोनों रुझानों से संकेत मिलता है कि पॉलिसीधारक समय के साथ अपने बीमा कवरेज को बढ़ा रहे हैं। वे जीवन बीमा को केवल एक बार की जाने वाली खरीद या कर बचत के साधन के रूप में नहीं देख रहे हैं।
इंश्योरेंस अवेयरनेस कमेटी (IAC)-Life के चेयरपर्सन श्री कमलेश राव ने कहा, “IIB के आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि जीवन बीमा में बने रहने वाले भारतीय इसके महत्व को तेजी से समझ रहे हैं। वे जीवन में होने वाले बदलावों और बढ़ती जिम्मेदारियों के अनुसार अपनी बीमा सुरक्षा को मजबूत कर रहे हैं। पॉलिसीधारकों का लगातार अधिक बीमा कवरेज की ओर बढ़ना उत्साहजनक है। यह अपने और अपने परिवार के लिए वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने की उनकी बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जिन लोगों ने अभी तक जीवन बीमा की शुरुआत नहीं की है, उनके लिए संदेश सरल है—आप जितनी जल्दी शुरुआत करेंगे, उतना ही अधिक समय आपको व्यापक वित्तीय सुरक्षा तैयार करने के लिए मिलेगा, जो आपकी आकांक्षाओं और जिम्मेदारियों के साथ बढ़ सकती है।”
अधिक बीमा कवरेज और प्रीमियम पर बढ़ते खर्च के पीछे कई कारक हैं। जीवन बीमा के महत्व के बारे में बढ़ती जागरूकता, आय में वृद्धि, महंगाई, जीवन के बदलते चरण और बढ़ती जिम्मेदारियों ने व्यापक सुरक्षा की मांग को बढ़ाया है। कोविड-19 महामारी और उसके बाद की परिस्थितियों ने भी बीमा सुरक्षा की कमियों को सामने रखा। इसके चलते लोगों ने अपनी वित्तीय मजबूती का फिर से आकलन किया।
इसी दौरान बीमा कंपनियों ने ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों के अनुरूप अधिक उपयुक्त समाधान पेश किए हैं। इससे जीवन बीमा अधिक प्रासंगिक और सुलभ हुआ है। महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्राहकों ने जीवन बीमा के विशिष्ट महत्व को समझा है। दीर्घकालीन सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता के साधन के रूप में जीवन बीमा अन्य निवेश विकल्पों का पूरक है। अधिकांश पारंपरिक बचत या निवेश उत्पाद संपत्ति बनाने में मदद करते हैं। जीवन बीमा संपत्ति निर्माण के साथ-साथ जोखिम और बाजार की अस्थिरता से सुरक्षा प्रदान करता है।
इंश्योरेंस अवेयरनेस कमेटी – Life (IAC-Life) ने कहा कि ये रुझान जीवन बीमा को एक बार की जाने वाली खरीद के बजाय जीवनभर के वित्तीय साथी के रूप में देखने के महत्व को रेखांकित करते हैं। कम उम्र में शुरुआत करने से व्यक्ति कम उम्र में बीमा सुरक्षा हासिल कर सकता है और अपेक्षाकृत कम प्रीमियम का लाभ उठा सकता है। इसके बाद आय, जिम्मेदारियों और दीर्घकालीन वित्तीय लक्ष्यों में वृद्धि के साथ बीमा कवरेज को धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है।
IAC-Life IIB के अध्ययन से प्राप्त निष्कर्षों का उपयोग कर आगे भी लक्षित जागरूकता अभियानों को बढ़ावा देगा। इन पहलों के माध्यम से अधिक से अधिक भारतीयों को कम उम्र में जीवन बीमा की शुरुआत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पर्याप्त और बदलती जरूरतों के अनुरूप बढ़ाए जा सकने वाले बीमा कवरेज के माध्यम से दीर्घकालीन वित्तीय मजबूती तैयार करने के लिए भी जागरूकता बढ़ाई जाएगी।


